नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में एक भारतीय महिला को फांसी दे दी गई और भारत सरकार को इसकी जानकारी ही नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के बांदा की रहने वाली महिला को 15 फरवरी को फांसी दी गई, लेकिन भारत सरकार को इसकी जानकारी 13 दिन बाद 28 फरवरी को मिली। बांदा की रहने वाली महिला शहजादी खान के ऊपर चार महीने के एक बच्चे की हत्या का आरोप था। वह दो साल से दुबई की जेल में बंद थी। अदालत ने चार महीने पहले उसे फांसी की सजा सुनाई थी।
उसको फांसी दे दिए जाने के 13 दिन बाद संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास को 28 फरवरी यूएई सरकार से इसकी सूचना मिली। विदेश मंत्रालय ने सोमवार, तीन मार्च को इसकी जानकारी दिल्ली हाई कोर्ट को दी। विदेश मंत्रालय ने हाई कोर्ट को बताया कि शहजादी का अंतिम संस्कार पांच मार्च को होगा। मंत्रालय और अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास अंतिम संस्कार के लिए शहजादी परिवार की अबू धाबी जाने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि शहजादी के पिता ने दो दिन पहले इस मामले में विदेश मंत्रालय से दखल देने की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। शहजादी के पिता ने कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया था कि 14 फरवरी को उनकी बेटी ने उन्हें कॉल पर बताया था कि उसे जेल से अस्पताल भेज दिया गया है और उसे फांसी की सजा दी जाएगी। उन्होंने अबू धाबी कानून के मुताबिक शहजादी को क्षमादान दिए जाने के लिए अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को एक चिट्ठी भी लिखी था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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