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कैसे बचे बांग्लादेशी हिंदू?

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कैसे बचे बांग्लादेशी हिंदू?
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नमस्कार, मैं हरिशंकर व्यास, बांग्लादेश में अगर हिंदुओं पर आफत आई हुई है तो क्या उसके जिम्मेदार शेख हसीना के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी भी नहीं हैं। ये सवाल इसलिए भी उठा है कि क्योंकि शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने वाले चाहे उनमें ज्यादातार कट्टरपंथी ही क्यों न हो। लेकिन जब बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रति इतना आक्रोश पनपा और अब भी उतना ही है तो फिर वहां रह रहे हिंदुओं के लिए खतरा तो पैदा होगा ही।

By हरिशंकर व्यास

मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक और पत्रकार। नया इंडिया समाचारपत्र के संस्थापक-संपादक। सन् 1976 से लगातार सक्रिय और बहुप्रयोगी संपादक। ‘जनसत्ता’ में संपादन-लेखन के वक्त 1983 में शुरू किया राजनैतिक खुलासे का ‘गपशप’ कॉलम ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ तक का सफर करते हुए अब चालीस वर्षों से अधिक का है। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम की प्रस्तुति। सप्ताह में पांच दिन नियमित प्रसारित। प्रोग्राम कोई नौ वर्ष चला! आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों की बारीकी-बेबाकी से पडताल व विश्लेषण में वह सिद्धहस्तता जो देश की अन्य भाषाओं के पत्रकारों सुधी अंग्रेजीदा संपादकों-विचारकों में भी लोकप्रिय और पठनीय। जैसे कि लेखक-संपादक अरूण शौरी की अंग्रेजी में हरिशंकर व्यास के लेखन पर जाहिर यह भावाव्यक्ति -

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