आप पार्टी का झगड़ा लोकतंत्र की परीक्षा
क्या एक सांसद को पार्टी कोटा से बोलने का अधिकार पार्टी नेतृत्व के विवेक पर निर्भर होना चाहिए? संविधान और संसदीय परंपरा में सांसद पार्टी से कहीं ज़्यादा जनता का प्रतिनिधि है। लेकिन वास्तविकता में व्हिप और पार्टी लाइन बाध्यकारी हैं। आंदोलन से उपजी आम आदमी पार्टी जो स्वयं ‘स्वराज’ और पारदर्शिता का नारा देती रही, में यह घटना उसके सिद्धांतों से मेल नहीं खाती। हाल में आम आदमी पार्टी (आप) के राजसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच खुला विवाद सामने आया। 2 अप्रैल को पार्टी ने राजसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता...