आसू का आंदोलन भाजपा को भारी पड़ेगा

एक तरफ ये पार्टियां हैं, जो सीएए को मुद्दा बनाए रखना चाहती हैं तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी है, जो सीएए लेकर आई है लेकिन उसे मुद्दा नहीं बनने देना चाहती है क्योंकि इससे उसे नुकसान का अंदेशा है।

सोनोवाल के चेहरे पर क्यों नहीं लड़ी भाजपा?

जिस तरह से पिछले सात साल में पहली बार भाजपा ने किसी मुख्यमंत्री को कार्यकाल के बीच में बदला है उसी तरह यह संभवतः पहली बार हुआ है कि भाजपा किसी मुख्यमंत्री के पद पर रहते उसके चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ रही है।

असम में बीपीएफ से बदलेगा माहौल

असम में 27 मार्च को विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है। उससे पहले राज्य की राजनीति तेजी से बदल रही है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के एनडीए छोड़ कर कांग्रेस गठबंधन में शामिल होने से सबसे बड़ा बदलाव हुआ है

असम में कांग्रेस गठबंधन कारगर नहीं!

कांग्रेस पार्टी ने असम में पांच पार्टियों को साथ लेकर गठबंधन बनाया है। लेकिन चुनाव के लिहाज से यह कोई बहुत कारगर गठबंधन नहीं दिख रहा है क्योंकि इसमें शामिल छह पार्टियों में से सिर्फ कांग्रेस और एआईयूडीएफ का आधार है।

बाहरी विधायकों से भाजपा में कलह

अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। वैसे तो चुनाव और भी तीन राज्यों में हैं पर वहां भाजपा को कोई बड़ी उम्मीद नहीं है।

अब असम, बंगाल में छापे!

यह महज संयोग है या कोई बड़ा राजनीतिक डिजाइन है कि जिस राज्य में भी चुनाव होने वाला होता है वहां चुनावों से पहले आय कर विभाग की छापेमारी शुरू हो जाती है।

असम की नई पार्टी बदलेगी समीकरण

असम में अगले साल मई में चुनाव है पर उससे पहले राजनीतिक उलटफेर शुरू हो गई। राज्य की राजनीति और सामाजिक स्पेस में सबसे लोकप्रिय संगठन ऑल असम स्टूडेंट यूनियन, आसू ने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है।

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