आदि शक्ति से आधुनिक नारी
संस्कृति के विकास के श्रेष्ठ काल वैदिक युग में महिलाओं की स्थिति अत्यंत सम्मानजनक थी। उस समय वैचारिक, पारिवारिक और धार्मिक स्वतंत्रता का वातावरण था और समाज में महिलाओं का सम्मान पुरुषों से कम नहीं था। शिक्षा और आत्मविकास के अवसर महिलाओं के लिए खुले थे। सामाजिक बंधन कठोर नहीं थे, इसलिए महिलाओं को भी पुरुषों के समान विकास का अवसर मिला। 8 मार्च -विश्व महिला दिवस भारतीय चिंतन ने स्त्री को केवल एक शरीर या सामाजिक भूमिका के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसे शक्ति के साक्षात स्वरूप के रूप में स्वीकार किया है। आज जब हम अंतर्राष्ट्रीय महिला...