adi shankaracharya jayanti

  • सनातन में प्राण लौटाने वाले आद्यगुरु शंकराचार्य

    उन्होने चार पीठों की स्‍थापना कर सम्पूर्ण भारत को भारतीय दर्शन, धर्म और संस्‍कृति की अविरल सनातन धारा में पिरोकर राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्ण कार्य सर्वतोभावेन किया। भारतीय संस्कृति के विस्तार में भी इनका अमूल्य योगदान रहा है। वर्तमान में दिखाई देने वाला सनातन वैदिक धर्म का स्वरूप आद्य शंकराचार्य का ही बनाया हुआ है। उन्होंने उपनिषदों, श्रीमद्भगवद गीता एवं ब्रह्मसूत्र पर भाष्य के साथ ही इन पर अन्य ग्रंथ भी रचे। 2 मई - आदि गुरु शंकराचार्य जयंती भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक आदिशंकर के नाम से प्रसिद्ध आद्य गुरु शंकराचार्य न केवल...