अन्ना डीएमके का क्या होगा?
अभी तत्काल तो नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इससे भी खराब स्थितियों के बाद भी तमिलनाडु की पार्टियों ने वापसी की है। 2011 के चुनाव में डीएमके ही 25 सीट के आसपास आ गई थी लेकिन उसने वापसी की। लेकिन अन्ना डीएमके का मामला थोड़ा अलग है। यह उन चुनिंदा प्रादेशिक पार्टियों में से है, जिसके संस्थापक नेता ने अपने परिवार से किसी को उत्तराधिकारी नहीं बनाया है। एमजी रामचंद्रन इसके संस्थापक थे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी जानकी रामचंद्रन ने पार्टी संभाली लेकिन वे कामयाब नहीं हुईं और आखिरकार जयललिता नेता बनीं। उसी तरह जयललिता ने अपना...