एक सार्थक न्यायिक हस्तक्षेप
हाई कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों का तानाशाही भरा और असंवैधानिक रवैया “ऑरवेलियन डिस्टोपिया” की धारणा को साकार कर सकता है। कहा जा सकता है कि फिलहाल इससे अधिक सटीक चेतावनी और कोई नहीं हो सकती। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो-टूक फैसला दिया है कि सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाना दमनकारी कदम था। नोएडा प्रशासन को मालूम था कि चौधरी की गिरफ्तारी कानूनन कमजोर बुनियाद पर टिकी है, इसलिए उन्हें आसानी से जमानत मिल जाएगी। ऐसा ना हो, इसलिए बिना किसी साक्ष्य के रासुका लगा दिया गया। अब जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव...