Ambani

  • अमेरिका में मस्क, भारत में अंबानी-अडानी

    बेचारे इलॉन मस्क! मस्क किसी डोनाल्ड ट्रंप या किसी अन्य राष्ट्रपति की कृपा से बने क्रोनी उद्योगपति नहीं हैं। उनको दुनिया का नंबर एक फ्यूचरिस्टिक उद्यमी माना जाता है। बैटरी की कार, सेटेलाइट से इंटरनेट, रियूजेबल सेटेलाइट व्हीकल, मंगल पर बस्ती जैसी परियोजनाएं उनकी है। भारत का कोई उद्यमी ऐसा नहीं है, जो कुछ नया कर रहा हो। भारत में सरकार माई बाप की कृपा से खरबपति बने हैं या बन रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्रोनी कैपिटलिस्ट प़ॉलिसी का चेहरा मस्क बने। मस्क की अध्यक्षता में एक कमेटी बना कर उन्होंने सरकारी विभागों से...

  • जो सबसे बड़ा है वह भी परजीवी है

    ऐसा नहीं है कि भारत का सिर्फ आम आदमी या गरीब आदमी परजीवी है और सरकार की ओर से सम्मान निधि के नाम पर मिलने वाले पांच सौ या हजार, दो हजार रुपए के लिए सारे तरह के गैरकानूनी काम करता है। देश में जो सबसे बड़ा है वह भी परजीवी है। सबसे बड़ा कारोबारी भी दूसरे पर निर्भऱ है। भारत का सबसे बड़ा या दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी भी यह नहीं कह सकता है कि उसने अपना कुछ निर्माण किया है, जिसकी वजह से उसको पूरी दुनिया से पैसा मिल रहा है। इल़ॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने...

  • टाटा, अंबानी, मित्तल सब वेंडर हैं

    अगर यह खोजना हो कि इस देश में कौन उद्यमी है, जिसने रिसर्च पर पैसा खर्च किया और अपना कोई प्रोडक्ट बनाया, जिसका इस्तेमाल देश और दुनिया में हो रहा है और उससे उसकी कमाई हो रही है तो शायद हाथ की दस उंगलियां भी ज्यादा हो जाएं। यहां जो सबसे बड़ा उद्योगपति है, जो सबसे पुराना उद्योगपति है, जो एशिया में नंबर एक या नंबर दो की पोजिशन पर है वह भी या तो सरकार की कृपा से कोई उद्यम चला रहा है या किसी विदेशी कंपनी का वेंडर बन कर काम कर रहा है। दुनिया की बड़ी कंपनियां...