एआई: जीवनसाथी या शत्रु?
एआई का सबसे घातक प्रभाव रचनात्मकता पर पड़ रहा है। पहले कलाकार, लेखक और संगीतकार अपनी कल्पना से कृतियां रचते थे। अब मिडजर्नी या डैल-ई जैसे टूल्स प्रॉम्प्ट पर चित्र बना देते हैं, वो भी सुंदरता भरे। लेकिन क्या यह रचनात्मकता है? शिखर सम्मेलन में भारतीय कलाकारों ने प्रदर्शन किया कि एआई जनित कला में आत्मा का अभाव है। यह डेटा पर आधारित नकल मात्र है। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट होम तक, हर जगह एआई की छाप दिखाई देती है। इस सप्ताह नई दिल्ली में शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय एआई...