भारत आत्मनिर्भरता की और है!
आज का भारत केवल बढ़ नहीं रहा, बल्कि शेष दुनिया को दिशा भी दे रहा है। यहां परंपरा और आधुनिकता का संगम है, जहां अर्थव्यवस्था केवल लाभ का नहीं, बल्कि लोककल्याण का माध्यम है। यह वही भारत है, जो अब दूसरों की शर्तों पर नहीं, बल्कि अपने हितों और स्वाभिमान के लिए दुनिया में पहचान स्थापित कर रहा है। बीते एक माह से देश उत्सवमय है। यह केवल सांस्कृतिक आनंद का प्रतीक नहीं, बल्कि देश की स्वस्थ आर्थिक धमनियों का भी सूचक है। बाजार की रौनक बताती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था— राहुल गांधी और डोनाल्ड ट्रंप की भाषा में— ‘मृत’...