Badrinath-Kedarnath Pilgrimage

  • हिमशिखरों का आह्वान और सनातन चेतना

    बदरीनाथ (नारायण) और केदारनाथ (रुद्र) का संबंध परस्पर पूरक है। स्कंदपुराण के केदारखंड के अनुसार शिव और विष्णु के ये धाम एक ही ब्रह्म के दो स्वरूपों की अभिव्यक्ति हैं। मोक्ष धाम के रूप में प्रतिष्ठित बद‍रीनाथ में आदि गुरु शंकराचार्य ने लगभग 1200 वर्ष पूर्व मूर्ति की पुनर्स्थापना कर दक्षिण और उत्तर की सांस्कृतिक एकता का सूत्रपात किया था। 20 अप्रैल- बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा प्रारंभ दिवस आदिकालीन हिमालयी कंदराओं से निःसृत सनातन संस्कृति का प्रवाह जब उत्तरापथ की ओर अग्रसर होता है, तब वह चारधाम के रूप में मूर्तिमान हो उठता है। वैशाख शुक्ल तृतीया, जिसे लोक में अक्षय तृतीया...