भाजपा: सुरक्षित सीटों से भी सवाल!
भारत में कई चुनाव परिणाम सरकारें बदलते हैं, लेकिन कुछ परिणाम राजनीतिक समझ बदलते हैं। बांकीपुर और दतिया के उपचुनाव उसी दूसरी श्रेणी के हैं। उन्होंने भाजपा की चुनावी ताकत को नहीं डिगाया, न ही मोदी-शाह की राजनीति का अंत घोषित किया। लेकिन इतना जरूर बता दिया कि मतदाता उस राजनीतिक खेल से बाहर निकलने लगा है, जिसमें उसे जाति, धर्म, लाभार्थी, राष्ट्रवाद या संगठन की तयशुदा श्रेणियों में बंधा हुआ समझा जाता था। अब भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि वही मतदाता है जिसकी नस पकड़ लेने का उसका दावा रहा है। और लोकतंत्र में सबसे निर्णायक...