Buddhism

  • वेद (ज्ञान) के सत्प्रभाव में सभी सम्प्रदाय व पन्थ

    भारत के वैदिक धर्म में से धर्म के जितने संप्रदाय, पंथ अथवा मजहब निकले अर्थात जन्म, उत्पन्न हुए, उन्होंने आज भी स्वयं को वेद के शाब्दिक अर्थ ज्ञान से सम्बद्ध रखा है और अपने आपको किसी न किसी प्रकार से ज्ञान से बांधे हुए रखा हुआ है। भारतीय ज्ञान-विज्ञान से संयुक्त रखा है। जैन धर्म का मूल जैन शब्द ज्ञान का ही अपभ्रंश रूप है अर्थात ज्ञान से ही बिगड़कर बना है।...इसी प्रकार बौद्ध धर्म में बोध अर्थात ज्ञान से ही बौद्ध शब्द बना है, और फिर बुद्ध। वेद का शाब्दिक अर्थ ज्ञान है और सृष्टि के आरम्भिक काल में...