चुनाव आयोग की गलतियों का अर्थ?
क्या यह महज संयोग है कि पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग जब भी किसी चुनाव का कार्यक्रम घोषित करता है तो बाद में उसमें बदलाव की जरुरत आती है? एक पुरानी कहावत है कि पहली बार हो तो गलती है। दूसरी बार वही गलती हो तो उसे मूर्खता कहते हैं और वही गलती तीसरी बार हो तो वह अपराध कहलाता है। पहले की बात छोड़ दें तो चुनाव आयोग ने सिर्फ इस साल में लगातार तीन बार एक ही गलती की है। उसे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद उसमें बदलाव करना पड़ा है। पहली बार तो लगा कि...