बंगाल पुलिस ने बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी को तलब किया, हाई कोर्ट से मिली राहत

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को 2018 में बंदूक की गोली से एक सुरक्षा कर्मचारी की मौत के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा मिली।

बंगाल हिंसा की जांच सीबीआई करेगी

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के कई हिस्सों में हुई कथित हिंसा की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

बंगाल की चुनावी लड़ाई अब अदालत में

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आए डेढ़ महीना हो गया और प्रचंड बहुमत से तृणमूल कांग्रेस ने सरकार बना ली लेकिन ऐसा लग रहा है कि लड़ाई अभी खत्म ही नहीं हुई। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों पार्टियां ऐसे आमने-सामने हैं, जैसे अभी चुनाव चल ही रहा हो। चुनाव हारे हुए दर्जनों नेता अब नतीजों को अदालत में चुनौती दे रहे हैं। सबसे पहले ममता बनर्जी ने चुनौती दी। उन्होंने नंदीग्राम में अपनी हार को अदालत में चुनौती दी है। उनका कहना है कि उनको साजिश करके हरवाया गया। उनकी याचिका को लेकर एक विवाद यह भी हुआ कि जिस जज को इसकी सुनवाई सौंपी गई, उनके भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने बेंच बदलने की मांग की है। यह भी पढ़ें: टीएमसी के चार नेताओं ने नतीजों को दी चुनौती बहरहाल, ममता बनर्जी के पीछे पीछे उनकी पार्टी के चार हारे हुए प्रत्याशी भी अदालत पहुंचे हैं। एक हजार से पांच हजार वोट तक के अंतर से हारे इन विधायकों ने नतीजों को चुनौती दी है। जब तृणमूल नेताओं ने ऐसा किया को भाजपा भी क्यों पीछे रहती। सो, उसके 11 हारे हुए प्रत्याशियों ने नतीजों को चुनौती देने का ऐलान… Continue reading बंगाल की चुनावी लड़ाई अब अदालत में

टीएमसी के चार नेताओं ने नतीजों को दी चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम चुनाव नतीजों को चुनौती देने के बाद अब उनकी पार्टी के चार हारे हुए प्रत्याशियों ने भी नतीजों को चुनौती दी है।

नारद मामले में जांच, सुनवाई सब पर सवाल

पश्चिम बंगाल में नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किए गए राज्य सरकार के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक पूर्व मेयर को हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है पर इस मामले ने सीबीआई की जांच और हाई कोर्ट की सुनवाई दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे पहला सवाल तो यही है कि कोरोना वायरस की महामारी के बीच सात साल पुराने इस मामले में ऐसी क्या हड़बड़ी थी तो सीबीआई ने मंत्रियों, विधायकों को गिरफ्तार किया? उसके बाद जब उनको विशेष अदालत से जमानत मिल गई तो आधी रात को हाई कोर्ट जाने और फिर हाई कोर्ट के नजरबंदी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की क्या जल्दी थी? अंततः सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी को हाई कोर्ट जाने के लिए ही कहा और एजेंसी को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी। दूसरा सवाल हाई कोर्ट के रवैए पर कलकत्ता हाई कोर्ट के जज जस्टिस अरिंदम सिन्हा ने उठाया है। जस्टिस सिन्हा ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल के साथ साथ सभी जजों को चिट्ठी लिख कर कहा है कि इस पूरे मामले ने अदालत को मजाक में बदल दिया है। उन्होंने पहला सवाल यह उठाया है कि जब विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी… Continue reading नारद मामले में जांच, सुनवाई सब पर सवाल

नारद स्टिंग ऑपरेशन: तृणमूल नेताओं को हाई कोर्ट से मिली राहत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार के दो मंत्रियों, तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। नारद स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए इन नेताओं को हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी। हाई कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने शुक्रवार को राज्य सरकार के दो मंत्रियों- सुब्रत मुखर्जी और फरहाद हाकिम, तृणमूल विधायक मदन मित्रा और शहर के पूर्व महापौर सोवन चटर्जी को अंतरिम जमानत दे दी। हाई कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने इन सभी को अंतरिम जमानत देते हुए कई शर्तें लगाईं हैं। बेंच ने चारों आरोपी नेताओं को दो-दो लाख रुपए का निजी मुचलका जमा कराने का निर्देश दिया है। गिरफ्तारी के बाद हाई कोर्ट के आदेश पर इन सभी को नजरबंद रखा गया था। बेंच ने उनसे मामले के संबंध में मीडिया में या सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी न करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आरोपियों को निर्देश दिया है कि जांच अधिकारियों द्वारा बुलाए जाने पर वे डिजिटल माध्यम से उनसे मुलाकात करें। कलकत्ता हाई कोर्ट के 2017 के आदेश पर नारद स्टिंग टेप मामले की जांच कर रही सीबीआई ने चारों नेताओं को 17 मई की… Continue reading नारद स्टिंग ऑपरेशन: तृणमूल नेताओं को हाई कोर्ट से मिली राहत

Narada Sting Case: तृणमूल नेताओं की जमानत पर सुनवाई टली

कोलकाता। नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की जमानत के मामले पर सुनवाई टल गई है। अब हाई कोर्ट के पांच जजों की बेंच 26 मई को इस पर सुनवाई करेगी। इससे पहले दो जजों की बेंच में सुनवाई हुई थी और जमानत पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसलिए चारों नेताओं को उनके घर में ही नजरबंद रखने का फैसला सुनाया गया था। सीबीआई ने नजरबंदी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बहरहाल, कलकत्ता हाई कोर्ट के पांच जजों की बड़ी बेंच के सामने सोमवार को यह मामला रखा गया था। लेकिन अदालत ने इस पर सुनवाई टाल दी। गौरतलब है कि सीबीआई ने नजरबंदी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई को भी टालने का आदेश देने की मांग की है। असल में, कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक अन्य नेता को विशेष अदालत की ओर से दी गई जमानत का मामला सुना था। इस बेंच में शामिल जज जस्टिस अरिजित बनर्जी ने जमानत देने का समर्थन… Continue reading Narada Sting Case: तृणमूल नेताओं की जमानत पर सुनवाई टली

कलकत्ता हाईकोर्ट, अधीनस्थ अदालतों में कामकाज 30 अप्रैल तक निलंबित

कोविड-19 मामलों में बढ़ोत्तरी के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय और उसकी क्षेत्रीय पीठों का नियमित कामकाज 30 अप्रैल तक निलंबित रहेगा।

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