कार डीलर क्यों अनावश्यक सामान थोपते?
भारत में नई कार खरीदना आज भी कई उपभोक्ताओं के लिए खुशी का पल होने के बजाय तनाव और दबाव का अनुभव बन जाता है। शोरूम में कदम रखते ही डीलर की तरफ से अनावश्यक एक्सेसरीज पैकेज, एक्सटेंडेड वारंटी, और खासकर बीमा खरीदने का दबाव शुरू हो जाता है। कई बार तो यह दबाव इतना बढ़ जाता है कि ग्राहक या तो अनचाही चीजें खरीदने को मजबूर हो जाता है या फिर डीलर डिलीवरी में देरी या बुकिंग रद्द करने की धमकी देता है। यह प्रथा न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि बाजार की निष्पक्षता पर भी सवाल...