जाति की राजनीति ही जीती
बिहार में अगर एक तरफ ‘मुफ्त की रेवड़ी’ की बहार थी तो दूसरी ओर जाति राजनीति का दांव था। इसे भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यू ने दोनों को बराबर साधा। सरकारी खजाने से नकद पैसे और मुफ्त की सेवाएं बांट कर सरकार के प्रति बन रही नाराजगी को दूर किया गया। यह एनडीए के रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती थी कि नीतीश कुमार की सत्ता 20 साल की हो गई और लगातार 20 साल सरकार में रहने की वजह से कहीं न कहीं लोगों में नाराजगी है या थकान और उब है। इसको दूर करने के लिए सरकारी...