Caste

  • जाति की राजनीति ही जीती

    बिहार में अगर एक तरफ ‘मुफ्त की रेवड़ी’ की बहार थी तो दूसरी ओर जाति राजनीति का दांव था। इसे भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यू ने दोनों को बराबर साधा। सरकारी खजाने से नकद पैसे और मुफ्त की सेवाएं बांट कर सरकार के प्रति बन रही नाराजगी को दूर किया गया। यह एनडीए के रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती थी कि नीतीश कुमार की सत्ता 20 साल की हो गई और लगातार 20 साल सरकार में रहने की वजह से कहीं न कहीं लोगों में नाराजगी है या थकान और उब है। इसको दूर करने के लिए सरकारी...

  • जाति आधारित पार्टियां लोकतंत्र का भविष्य हैं!

    क्या इसे भारत में अपनाई गई बहुदलीय लोकतंत्र के मजबूत होने का संकेत मानें या कुछ और कि भारत में लगातार राजनीतिक दलों की संख्या बढ़ रही है? हर चुनाव से पहले राज्यों में कई नई पार्टियां बनती हैं। हर पार्टी को कोई न कोई गठबंधन मिल जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े गठबंधन पहले से मौजूद हैं, एनडीए और ‘इंडिया’ ब्लॉक। नई पार्टियों को इनमें भी जगह मिल जाती है तभी इन गठबंधनों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के समय पता चला कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में 38 पार्टियां हैं तो...

  • तेजस्वी अब सभी जातियों की बात नहीं करते

    राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पिछले साल अपनी पार्टी को सभी जातियों की पार्टी बताते हुए ‘माई-बाप’ का एक नारा गढ़ा था। असल में लालू प्रसाद की पार्टी को एमवाई यानी माई समीकरण की पार्टी कहा जाता है। मुस्लिम और यादव वोट बुनियादी रूप से राजद से जुड़ा हुआ है। इस समीकरण के दम पर राजद एक मजबूत पार्टी तो बनती है लेकिन इस वोट से उसकी सरकार नहीं बन सकती है। तभी तेजस्वी के लिए जरूरी है कि वे इसमें दूसरी जातियों को जोड़ें। तभी उन्होंने माई-बाप का समीकरण बनाया।...

  • जाति से आगे नहीं बढ़ते हैं नेता

    भारत के नेता किसी भी घटनाक्रम को और किसी भी व्यक्ति को जाति के चश्मे से ही देखते हैं। कई मौके पर खास कर सेना से जुड़े घटनाक्रम में आम नागरिक जाति का भेद भूल जाते हैं लेकिन नेता तब भी नहीं भूलते हैं। वे तब भी जाति के हिसाब से ही काम करते हैं। आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर के बाद अनेक नेताओं ने जाति और धर्म के आधार पर खूब राजनीति की। बिहार के निर्दलीय सांसद हैं पप्पू यादव वे पूर्णिया में भारत के वायु सेना के एय़र मार्शल अवधेश भारती के घर गए। सोचें, एयर...

  • जाति नहीं अब धर्म का मामला

    पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने हिंदू-मुस्लिम का जो राग छेड़ा और उसके बाद जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर हिंदुओं का जैसा नरसंहार किया उससे भारत की राजनीति बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकती है। भारत में पिछले  कुछ समय से राजनीति बदली थी। लोकसभा चुनाव में संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई कारगर साबित हुई थी। भाजपा की मंदिर और धर्म के एजेंडे के बरक्स विपक्षी पार्टियों ने अपना गठबंधन बनाया था और अपना एजेंडा आगे किया था। वह एजेंडा धर्म की राजनीति को फेल करने वाला था। उसमें जाति...