सीबीआई अफसर को सजा, जरूरी फैसला!
सीबीआई खुद को देश की प्रमुख जांच एजेंसी बताती है, जो भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के खिलाफ लड़ती है। लेकिन जब उसके अपने वरिष्ठ अधिकारी ही ‘मालाफाइड रेड’, मारपीट और साजिश में शामिल हों, तो सवाल उठता है कि तब सीबीआई अपने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती? दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में गत 18 अप्रैल को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। न्यायमूर्ति शशांक नंदन भट्ट ने सीबीआई के वर्तमान संयुक्त निदेशक रमनीश और सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त वी.के. पांडे को धारा 323, 427, 448 तथा 34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया। यह घटना वर्ष 2000 की है,...