केंद्रीय सतर्कता आयोग से क्या बना?
सीबीआई द्वारा जांचे गए 7,072 भ्रष्टाचार के मामले अदालतों में लंबित हैं, जिनमें से 379 मामले 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं। 2,660 मामले 10 वर्ष से ज्यादा लंबित हैं। यह आंकड़ा न केवल न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाता है, बल्कि सीवीसी की निगरानी वाली पूरी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है। सभी जानते हैं कि भारत में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। सरकारी मशीनरी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए 1964 में स्थापित केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) आज भी भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई का प्रमुख हथियार माना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में...