Chandrashekhar

  • अब आकाश बनाम चंद्रशेखर का मुकाबला

    कांग्रेस और उसके गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी को लग रहा है कि उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में बिखराव का दौर चल रहा है और इस वजह से दलित वोट उनके साथ आ सकता है। मायावती और उनकी बहुजन समाज पार्टी की निष्क्रियता से यह उम्मीद बनी है। इससे पहले कुछ दलित वोट का रूझान भाजपा की ओर भी दिखा था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि दलित वोट का बिखराव अब थम सकता है। मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी बना दिया है और पूरे देश में बसपा का काम उनको सौंप...

  • बेनिवाल और चंद्रशेखर की पार्टी क्या गुल खिलाएंगे?

    राजस्थान के जाट नेता और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, रालोपा बना कर राजनीति कर रहे हनुमान बेनिवाल ने उत्तर प्रदेश के फायरब्रांड दलित नेता और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) बना कर राजनीति कर रहे चंद्रशेखर आजाद के साथ तालमेल किया है। दोनों पार्टियों की पहली रैली रविवार को जयपुर में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। ये दोनों नेता दलित और जाट का समीकरण बना कर चुनाव लड़ रहे हैं। सवाल है कि इनका गठबंधन किसको नुकसान पहुंचाएगा? बेनिवाल दावा कर रहे हैं कि जो लोग कहते थे कि राजस्थान में तीसरा दल नहीं बन सकता है उनके मुंह पर...

  • पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद से मिले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

    Chandrashekhar :- विवादों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचे और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मिले। राबड़ी आवास से निकलने के बाद उन्होंने विभाग में किसी तरह के विवाद से इनकार करते हुए कहा कि कोई विवाद नहीं है, मैं मामले को देख रहा हूं। राबड़ी आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग के विषय में उनको मीडिया से ही जो जानकारी मिली है, उसे वे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बातें सामने आई है समझ रहा हूं। पीत पत्र को लेकर जारी...

  • चंद्रशेखर मजे में, नुपूर खतरे में – क्यों?

    अच्छा हो, कि हमारे सर्वोच्च सांसद, मंत्री, और न्यायाधीश समाज के विवेकशील प्रतिनिधियों को साथ लेकर समरूप विचार-नीति और दंड-नीति बनाएं। जिस से शिक्षा और कानून, तथा राजनीतिक और धार्मिक व्यवहारों पर सभी समुदायों को एक समान अधिकार एवं सुरक्षा प्राप्त हो। किसी भी बहाने किसी समुदाय को विशेष अधिकार, या किसी को विशेष उपेक्षा न मिले। विशेषाधिकारों का दावा अधिक दूर तक नहीं चल सकता। सब को निरपवाद रूप से मांनना होगा कि ‘दूसरों के साथ वह व्यवहार न करें जो अपने लिए नहीं चाहते।’ स्वतंत्र भारत में यह आम दृश्य है कि हिन्दू धर्म, जाति, आदि पर कितने...