chhattisgarh assembly election 2023

  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस में चुनाव बाद झगड़ा होगा

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अंदर फिर घमासान होने वाला है। उसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता टीएस सिंहदेव ने ऐलान कर दिया है कि उनको मुख्यमंत्री बनना है। उन्होंने कहा कि अगर वे मुख्यमंत्री नहीं बने तो फिर चुनाव नहीं लड़ेंगे। सिंहदेव ने कहा कि यह बात उन्होंने चुनाव से पहले नहीं कही क्योंकि पहले कहने से कांग्रेस का चुनाव अभियान प्रभावित होता। चुनाव के बाद उनके यह कहने का नतीजों पर असर नहीं होगा लेकिन चुनाव बाद के हालात पर बड़ा असर होगा। सिंहदेव के साथ साथ उनके परिवार...

  • छत्तीसगढ़ में सरकार बनी हुई मान रहे हैं

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता मतदान से पहले ही चुनाव जीता हुआ मान रहे थे। पहले दिन से वहां यह धारणा बनी थी कि कोई मुकाबला नहीं है। एकतरफा लड़ाई में कांग्रेस जीती हुई है। इसका कारण यह है कि भाजपा बिना किसी चेहरे के चुनाव लड़ते हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और काम पर भाजपा छत्तीसगढ़ का चुनाव लड़ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा का तुरुप का पत्ता भ्रष्टाचार के आरोप और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई थी। लेकिन जनता में यह मुद्दा ज्यादा चला नहीं। तभी सट्टेबाजी वाले महादेव ऐप के मालिकों से कथित तौर...

  • वोटर यूपी और बिहार से ज्यादा जागरूक!

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में सात नवंबर को मतदान का पहला चरण ख़त्म होते ही भाजपा के राज्य कार्यालय में आतिशबाजी हुई।तब से भाजपा के स्थानीय नेता, राज्यस्तरीय टीवी चैनलों पर दावा कर रहे हैं कि जिन 20 सीटों पर मतदान हुआ है, उन पर भाजपा का प्रदर्शन ‘बहुत शानदार’ रहा है।वे अपनी जीत कि जो संख्या बता रहे हैं, उससे उनकी रणनीति जाहिर है। कांग्रेस को मनोविज्ञान तौर पर रक्षात्मक, कमजोर बनाने के मकसद में भाजपा का यह बडबोलापन है। इतना ही नहीं अमित शाह ने भी प्रदेशपहुंचते ही दावा किया कि कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। जाहिर है भाजपा...

  • भूपेश बघेल के लिए क्यों कड़ा मुकाबला?

    बिलासपुर। दो दिन पहले मैंने लिखा था कि छत्तीसगढ़ के चुनाव में कांग्रेस को हालांकि बढ़त है, लेकिन मुकाबला कडा है। वह बात पहले दौर का मतदान होने के बाद और पुख्ता हुई है। दरअसल चुनावी रिपोर्टिंग में हर सीट और इसके पीछे की राजनीति का विश्लेषण करना संभव नहीं होता है। मोटे तौर पर माहौल, मूड और गणित के साथ जमीनी बातचीत से राय बना करती है। इस सबके मद्देनजर छतीसगढ़ में भाजपा पिछले पांच सालों की अपनी गलतियों को पकड़ चुनाव लड रही है। इसलिए जहां कांग्रेस के वादों की हौड में उसने लोगों को रेवडियों की गांरटियां...

  • कसही (पाटन) तो “भूपेश बघेल की काशी।”

    पाटन। नरोद सिंघोद और उनके यार-दोस्त चाय पर चर्चा में व्यस्त हैं। जगह है छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह क्षेत्र और विधानसभा सीट पाटन। सांकरा गाँव में चाय की इस दुकान पर मैं पहुंची तो पहले से लोग चुनावी गपशप करते हुए...बहस हो रही है कि मुफ्त की सुविधाएँ और बिना काम किए पैसा देने के जो वायदे दोनों पार्टियों ने किए हैं, उनमें से कांग्रेस का पैकेज बेहतर है या भाजपा का? अख़बारों के हवाले से उन्हें अच्छी तरह पता है कि कौनसी पार्टी सरकार बनाने पर उन्हें क्या-क्या देने वाली है? बहस में बीच बगल में...

  • कांग्रेस के पक्ष में सब कुछ फिर भी मुकाबला!

    रायपुर। दिल्ली में और प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी धारणा है कि छत्तीसगढ़ में मुकाबला एकतरफा है और कांग्रेस को शानदार बहुमत मिलेगा, जो 2018 से बड़ा होगा। यह भरोसा मुख्यमंत्री ने खुद भी जताया था। सीएनबीसी-टीवी18 को दिए अपने साक्षात्कार में उन्होंने बड़े आत्मविश्वास से कहा था कि कांग्रेस (90 में से) 75 सीटें जीतेगी। कांग्रेस के राज्य-स्तरीय नेताओं में65 सीटें जीतने का आम दावा है। लेकिन कांग्रेस के लिए इतनी  सुहानी स्थितियां नहीं हैं। आप जैसे ही किसी जानकार, नेता के साथ रायपुर में बैठकर बात करते हैं, या कहीं जाते हैं तो आपको संभाग, जिला, विधानसभा...

  • विधानसभा चुनाव 2023: जैसा माना जा रहा वैसा नहीं माहौल!

    छतीसगढ़ः ग्राउंड रिपोर्ट मोहला मानपुर।छत्तीसगढ़ में लोगों का चुनावी मूड वैसा नहीं है जैसा राज्य के बाहर और खासकर दिल्ली में बैठे लोग मान कर चल रहे हैं। बाहरी आम धारणा के विपरीत, छतीसगढ में कांग्रेस की राह आसान नहीं है।‘बघेल पर भरोसा’ बोलता हुआ है लेकिन‘मोदी की 2023 में छत्तीसगढ़ के लिए गारंटी’ भारी पड़ रही है। राज्य में कांटे की टक्कर दिख रही है। तीन महिने पहले ऐसा नहीं था और अब है तो वजह कांग्रेस बनाम भाजपा में रेवडियों का कंपीटिशन है। इसमें भी बड़ा मसला किसानों का है। धान खरीदने के सरकारी मूल्य और कर्ज माफी...

  • छतीसगढ में कांग्रेस का सब परफेक्ट

    राज्यों में कांग्रेस की सर्वाधिक मजबूत और तालमेल वाली तैयारी छतीसगढ़ में है। कांग्रेस आलाकमान ने समझदारी से पहले ही प्रदेश नेताओं का झगड़ा सुलटाया। भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव में विवाद था तो पार्टी आलाकमान ने दखल कर टीएस सिंहदेव को उप मुख्यमंत्री बनवाया। उनकी नाराजगी दूर कराई नतीजतन उम्मीदवार तय होने के बाद यह स्थिति है जोछत्तीसगढ़ में कांग्रेस के टिकट बंटवारे की सबसे ज्यादा तारीफ सिंहदेव कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में उम्मीदवार चयन का काम आसानी से हुआ। सारे नेता एक ही जहाज में अपनी सूची लेकर दिल्ली आए और मंजूरी करा कर लौटे। तेलंगाना में भी...

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