citizens

  • नागरिकों पर ही है शहर साफ रखने की जिम्मेदारी

    सिर्फ सरकार को कोसना काफी नहीं। हमें खुद को भी आईना दिखाना होगा। अवैध निर्माण, मानकों से ज्यादा मंजिलें, नालियों में कचरा फेंकना, ये सब हम खुद करते हैं। ग्रामीण जीवन में जो सामूहिक जिम्मेदारी की भावना थी, शहर आकर हम भूल गए। कहने को शहरी हैं, लेकिन व्यवहार जंगली जैसा। बरसात शुरू होते ही शहरों की गलियों-मोहल्लों में पानी जमा होना शुरू हो जाता है। मौसम विभाग अगर सही अनुमान लगाता है तो मूसलाधार बारिश के अनुमान के बावजूद देश के हर शहर में बरसात के गंदे पानी के तालाबों के बीच नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर क्यों हो...

  • नागरिक तो सिर्फ सरकारी अधिकारी!

    इस देश का नागरिक कौन है? यह सवाल फिर 140 करोड़ लोगों के सामने है। अब तक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआऱ के मामले में बार बार यह कहा जा रहा था कि आधार या वोटर आईडी कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है। यह सिर्फ पहचान या वोट डालने के लिए है। लेकिन अब सरकार ने कहा है कि पासपोर्ट भी नागरिकता प्रमाणित करने वाला दस्तावेज नहीं है। सोचें, पासपोर्ट बनाते समय कितनी तरह की जांच होती है, कितने तरह की पूछताछ होती है, जन्म स्थान से लेकर अस्थायी पते तक की जांच की जाती है और...