civic elections

  • निकाय चुनाव में भावनात्मक मुद्दों की भरमार

    महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव हो रहे हैं। हालांकि उसके नतीजे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होंगे क्योंकि सर्वोच्च अदालत में 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देने का मामला विचारधीन है। लेकिन दो दिसंबर को होने वाले चुनावों से पहले खूब भावनात्मक मुद्दे उछाले जा रहे हैं। हिंदी भाषी लोगों के साथ मारपीट का काम उद्धव ठाकरे की शिव सेना और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की मनसे कर रहे हैं। इसके बाद मनसे और भाजपा दोनों ने नाम बदलने का भावनात्मक मुद्दा भी उठा लिया है। अब हर जगह से बॉम्बे हटा कर मुंबई करने की मांग...

  • निकाय चुनावों में मराठा ध्रुवीकरण की कोशिश

    महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव बहुत दिलचस्प होता है। इस बार का चुनाव भी अपवाद नहीं है। महाराष्ट्र के कुछ स्थानीय निकायों के चुनाव दो दिसंबर को हो रहे हैं और बाकी महानगरों के चुनाव जनवरी में होंगे। उससे पहले महाराष्ट्र की स्थानीय पार्टियां मराठा ध्रुवीकऱण की कोशिश में लगी हैं। इससे कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां अलग थलग हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि शरद पवार और अजित पवार की एनसीपी के साथ एकनाथ शिंदे की शिव सेना का तालमेल हो सकता है। अगर ये तीन पार्टियां ज्यादातर निकाय चुनावों में एक साथ लड़ती हैं तो वहां...