निकाय चुनाव में भावनात्मक मुद्दों की भरमार
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव हो रहे हैं। हालांकि उसके नतीजे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होंगे क्योंकि सर्वोच्च अदालत में 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देने का मामला विचारधीन है। लेकिन दो दिसंबर को होने वाले चुनावों से पहले खूब भावनात्मक मुद्दे उछाले जा रहे हैं। हिंदी भाषी लोगों के साथ मारपीट का काम उद्धव ठाकरे की शिव सेना और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की मनसे कर रहे हैं। इसके बाद मनसे और भाजपा दोनों ने नाम बदलने का भावनात्मक मुद्दा भी उठा लिया है। अब हर जगह से बॉम्बे हटा कर मुंबई करने की मांग...