ये नजरिया हानिकारक है
यह फैसला इस समझ को ठेंगा दिखाता है कि प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की समस्या का स्वरूप विश्वव्यापी है। उत्सर्जन चाहे कहीं भी हो, उसका प्रभाव दूर तक जाता है। इस रूप में यह निर्णय पर्यावरण की चिंता को ही ठेंगा दिखाता है। खबर सचमुच परेशान करने वाली है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने भारत के ज्यादातर ताप बिजली संयंत्रों को फ्यूल गैस डी-सल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम लगाने से छूट दे दी है। यह सिस्टम वातावरण में सल्फर डाय-ऑक्साइड (एसओ2) के उत्सर्जन की मात्रा में कटौती करता है। एसओ2 वातावरण में सेंकेंडरी पर्टिकुलेट मैटेरियल का निर्माण करती है। इसका सीधा संबंध वायु...