Cockroach Janta Party

  • केवल 1.8 करोड़ ‘कॉकरोच’!

    भला इतने कम ‘कॉकरोच’! बावजूद इसके देसी ऑनलाइन जमात का उछलना! हल्ला कि देखो, पांच दिनों में ही कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर भाजपा से अधिक हुए! योगेंद्र यादव ने तपाक से कहा, एक मीम ने देश के भीतर की सुगबुगाहट दिखला दी। वही प्रधानमंत्री मोदी के होश उड़े। केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी आईबी को कॉकरोचों के पीछे लगाया गया। सरकार को चैन तभी हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स (ट्विटर) खाते पर ताला लगा। सोचें, भारत सरकार पर। उसे इतना भी ध्यान नहीं कि कॉकरोच कभी खत्म नहीं होते। कहा जाता है परमाणु विस्फोट में भी कॉकरोच...

  • बौद्धिक जमात की बेलगाम उम्मीदें

    कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सरकार की घबराहट दिखी है तो दूसरी ओर भाजपा व नरेंद्र मोदी सरकार का विरोध करने वालों की बेलगाम उम्मीदें दिख रही हैं। पिछले डेढ़ दशक से कई असफल प्रयोग कर चुके योगेंद्र यादव को कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से बने एक सोशल मीडिया हैंडल से उम्मीदें बंध गईं हैं। यह एक औपचारिक पार्टी बने या संगठन का रूप ले तब तो कुछ कहा भी जा सकता है लेकिन एक सोशल मीडिया हैंडल, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो जाए, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है? इस सोशल मीडिया हैंडल को...

  • तिलचट्टों के पीछे लगी आईबी

    अगर बांग्लादेश और नेपाल की घटना नहीं हुई होती और जेन जी का जुमला नहीं चला होता तो हो सकता है कि सरकार इतनी परेशान नहीं होती। लेकिन पड़ौस में आंदोलन हो चुका है कॉकरोच का आईडिया तुरंत क्लिक हुआ। अमेरिका मे बैठे आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना दिया। निश्चित रूप से मजे मजे में दीपके ने यह काम किया और हिट हो गया। भारत में खाली बैठी कुढ़ती, बिसूरती जमात ने उसको फॉलो करना शुरू किया। सोशल मीडिया में इसके...

  • कॉकरोच और फिर ‘सांप-सपेरा’

    बाहर वर्षों में भारत को लेकर दुनिया ने क्या-क्या ख्याल नहीं बनाए? कभी गाय की राजनीति। कभी लंगूरों की उछलकूद। कभी हाथी की चाल तो कभी छप्पन इंची छाती का शेर। देखो, देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया! और शेर ने क्या बनाया? नया राष्ट्रीय प्राणी उभरा! और वह भी कॉकरोच याकि हिंदी में तिलचट्टा। त्रासद है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई डिजिटल आबादी, युवा शक्ति ने खुद को शेर, बाज, चीता, गरुड़, हनुमान, यहां तक कि गधा भी नहीं चुना। चुना तो कॉकरोच चुना। यह हमारा आत्म-व्यंग्य है या चाहे तो आत्म-ज्ञान कहें! प्रधानमंत्री मोदी...