वेदांता, टाटा, लेंसकार्ट सबकी एक दशा
भारत में हमेशा राजनीतिक लड़ाइयों की चर्चा होती है। पार्टियों के बीच कैसा मुकाबला चल रहा है और कहां चुनावी लड़ाई में कौन आगे है इससे सब परिचित होते हैं। लेकिन कॉरपोरेट वॉर की चर्चा होती ही नहीं है। होती भी है तो बड़े सतही स्तर पर होती है। मीडिया में भी इसकी चर्चा बहुत कम होती है। इसलिए लोगों को पता नहीं होता है। वेदांता समूह का मामला सबके सामने है। जब उसके मालिक अनिक अग्रवाल ने अडानी समूह को चुनौती दी तब लोगों को इसकी कुछ जानकारी हुई। उसके बाद उनकी कंपनी में विस्फोट का संयोग और उनके...