नोटबंदी, कोविड के बाद फिर कतार का समय!
भारत में फिर संकट की स्थिति है। यह वाक्य असाधारण नहीं है। रोजमर्रा की बात है। कई मायनों में संकट देश की एक स्थायी राष्ट्रीय स्थिति बन गया है। एक के बाद एक संकट मोदी सरकार की पहचान हैं। इसे आज के शेयर बाजार से भी बूझ सकते है। हल्का सा तेज होता है और फिर घड़ाम नीचे। सरकार हो या निवेशक या लोग—अनुमान लगा ही नहीं सकते कि संकट के भंवर कैसे और कितने गहरे हैं। शेयर बाजार के सेंसेक्स में एक ही दिन में ढाई हजार प्वाइंट की गिरावट! हालांकि यह संकट ऐसा है जिस पर भारत का...