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  • अब ‘10 मिनट में डिलीवरी’ नहीं

    नई दिल्ली। क्विक कॉमर्स कंपनियों के ‘डिलीवरी पार्टर्नस’ यानी सामान पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स की हड़ताल और सरकार के दबाव में कंपनियों को झुकना पड़ा है। सबसे पहले ब्लिंकिट ने ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा खत्म करने का ऐलान किया है। असल में क्विक कॉमर्स कंपनियों में इस बात की होड़ मची थी कि कौन कितनी जल्दी सामान की डिलीवरी कर देता है। इस होड़ में डिलीवरी करने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ती थी और उसके बाद भी देरी होने पर उनकी रेटिंग बिगड़ती थी, जिसका उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। बहरहाल, सरकार के साथ हुई...

  • डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े वर्कर्स ने फिक्स सैलरी और सुरक्षा की मांग उठाई

    प्रमुख डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े वर्कर्स का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कई शहरों में गिग वर्कर्स ने हड़ताल का ऐलान किया है। इसी बीच, डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि उनसे 14 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन उसके हिसाब से कंपनियां पैसा नहीं देती हैं।  दिल्ली में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एक डिलीवरी ब्वॉय ने कहा, "घंटों तक ऑर्डर नहीं मिलते हैं। कड़ाके की ठंड में काम पर आने के बावजूद ऑर्डर न मिलना एक बड़ी समस्या है। उन्होंने मांग की कि हमारी सैलरी फिक्स होनी चाहिए या प्रति किलोमीटर का...