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  • भारत: धमक, पहचान खोने का वर्ष

    धमक गंवाने की निर्णायक घटना थी ऑपरेशन सिंदूर। वही पहचान बिगड़ने की वजह आर्थिकी तथा कूटनीति की दशा-दिशा है। उस नाते 2025 का वर्ष हर उस बात का खोखला प्रमाणित करने वाला हुआ जिनके जुमलों पर मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने थे। नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि वे प्रधानमंत्री बने तो आतंकवाद खत्म। 2025 में क्या हुआ? पुलवामा से पहलगाम और हाल में लाल किले के सामने बम विस्फोट ने मोदी सरकार को वही पहुंचा दिया है, जहां मनमोहन सरकार थी। फर्क यह है कि तब ‘धुरंधर’ जैसे फिल्मी झांसे नहीं थे। मगर हां, अब वे फोटो हैं,...

  • ब्रिक्स में भारत की भूमिका बदली दिखी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कजान यात्रा के दौरान भारत में मीडिया और विश्लेषकों का ज्यादा ध्यान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात पर टिका रहा। मोदी ब्रिक्स प्लस शिखर सम्मेलन में भाग लेने रूस के इस शहर गए, तो लाजिमी है कि उन्होंने शिखर बैठक को भी संबोधित किया। उनके उस वक्तव्य को अपेक्षाकृत कम, फिर भी भारतीय मीडिया में जगह मिली है। लेकिन शिखर सम्मेलन में क्या हुआ और उसमें भारत ने क्या भूमिका निभाई, ये बिंदु पृष्ठभूमि चले गए हैं। जबकि कई वर्षों के बाद भारत इस बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत पूरे मनोयोग...