Euthanasia

  • हरीश राणा के निधन बाद बीएमसी को मुंबई में इच्छामृत्यु के लिए 75 आवेदन मिले

    मुंबई में इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को 75 लोगों ने इच्छामृत्यु के लिए आवेदन दिए हैं। यह घटनाक्रम देश के पहले कोर्ट से मंजूर इच्छामृत्यु मामले के बाद सामने आया है, जिसने लोगों को इस दिशा में सोचने पर मजबूर किया है।  इन आवेदनों में लोगों ने साफ तौर पर लिखा है कि अगर वे किसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाएं या किसी हादसे के बाद कोमा जैसी स्थिति में पहुंच जाएं, जहां ठीक होने की कोई उम्मीद न हो, तो उन्हें इच्छामृत्यु का विकल्प दिया जाए। इसके लिए...

  • संतुलित और सही

    इच्छा-मृत्यु की प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए अस्पताल अब अधिकृत हो जाएंगे। मगर प्रक्रिया की शुरुआत तभी होगी, जब मरीज के “सर्वोत्तम हित में” विस्तृत मेडिकल समीक्षा कर ली गई होगी। इस तरह इच्छा-मृत्यु का एक कायदा तय हो गया है। अचेतावस्था में पड़े व्यक्ति की चेतना वापस आने की आस टूट गई हो, तो मेडिकल उपकरणों से सहारे उस व्यक्ति की सांस चलाते रखने का प्रयास कब तक किया जाना चाहिए? डॉक्टर हथियार डाल चुके हों, उसके बावजूद मानसिक रूप मृत, लेकिन शारीरिक रूप से जीवित ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति किस हद तक वांछित है? ये बड़े बुनियादी...

  • देश में पहली इच्छामृत्यु की मंजूरी

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक आदेश में बुधवार को देश में पहली इच्छामृत्यु की मंजूरी दी। सर्वोच्च अदालत ने 13 साल से कोमा में रहे 31 साल के युवक हरीश राणा को इच्छामृत्यु की मंजूरी दे दी। गाजियाबाद के रहने वाले हरीश लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं और उनके माता-पिता की ओर से बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग की गई थी। इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथनेशिया का भारत में यह पहला मामला है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने दिल्ली एम्स को निर्देश दिया कि हरीश के लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से...

  • हरीश राणा की ‘इच्छामृत्यु’ को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

    पिछले करीब 13 साल से कोमा में बिस्तर पर पड़े गाजियाबाद के 30 वर्षीय हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेसिया) देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है। हरीश के परिवार की याचिका पर न्यायमूर्ति जे.बी. परदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने फैसला सुनाया।  कोर्ट ने कहा कि एम्स के पैलिएटिव केयर में हरीश को भर्ती किया जाएगा ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके। कोर्ट ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पूरी गरिमा के साथ इस प्रक्रिया को...