AIMS निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा- आने वाले आने वाले 6 से 8 सप्ताह अहम, जीवित रहे तो खूब त्योहार मना सकते हैं…

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने आगामी त्योहारों को देखते हुए लोगों को आगाह किया है. उन्होंने कहा है कि आने वाले 6 से 8 सप्ताह में और भी ज्यादा सतर्क रहने की…

Bihar : Parle-G अपने बच्चों को नहीं खिलाई तो होगी अनहोनी, अफवाह पर उमड़ पड़े लोग…

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरुवार को जितिया का त्यौहार महिलाओं ने अपने बच्चों की खुशहाली और लंबी उम्र के लिए उपवास रखकर मनाया…

ऑनलाइन लग रही है इस बकरे की बोली, कीमत इतनी कि किसी को भी आ जाएगा पसीना..

शाहजहांपुर | Shahjahanpur’s 27 lakh Goat : बकरीद के पहले ही देशभर की बकरा मंडी में रौनक देखने को मिलने लगी है. पिछले साल कोरोना के प्रकोप के कारण बकरीद का त्यौहार भी जोर शोर से नहीं मनाया गया था. लेकिन अब कोरोना की दूसरी नजर कमजोर पड़ने लगी है तो राज्य सरकारों ने भी ढील देना शुरू कर दिया है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस साल बकरीद का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा. बकरीद के पहले उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के एक बकरे ने देश भर में सुर्खियां बटोरी हुई है. बताया जा रहा है कि इस बकरे की ऑनलाइन बोली लग रही है.  इसकी बोली 20 लाख से शुरू हुई थी और अब 27 लाख तक पहुंच चुकी है. बकरी के मालिक का कहना है कि वह 30 लाख से कम में इस बकरे को नहीं बेचेगा. क्या खासियत है बकरे की Shahjahanpur’s 27 lakh goat : बकरीद के मौके पर कुर्बानी का खासा महत्व है. आमतौर पर इस शहर में बकरे की कुर्बानी दी जाती है. यही कारण है कि बकरीद के कई दिनों पहले ही बकरे की कीमत आसमान छूने लग जाती है. शाहजहांपुर का इस बकरे की कीमत इतनी ज्यादा इसलिए… Continue reading ऑनलाइन लग रही है इस बकरे की बोली, कीमत इतनी कि किसी को भी आ जाएगा पसीना..

ईद 2021 :  जानिए कब है ईद..अमीरी या गरीबी का नहीं खुशिया बांटने का त्यौंहार है ईद

ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार है। यह रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने पर मनाया जाता है। ईद को ईद-उल फित्र भी कहते है। मुसलमान लोग रमजान में पूरे महीने में रोजा रखते है और अंत में ईद के दिन खुशिया मनाते है सलामती की दुआ मांगते है मिठाइयां बांटते है। मुस्लिम समुदाय के लोग ईद के त्योहार का जश्न पूरे 3 दिनों तक मनाते हैं। ईद के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। ईद के दिन की शुरुआत ईद की नमाज के साथ होती है। इसके बाद सब एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। एक दूसरे के घर जाते हैं और दोस्तों और रिश्तेदारों में मिठाइयां और तोहफे बांटते हैं। सभी बड़े इस दिन अपने छोटों को तोहफे के रूप में ईदी देते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। ईद के दिन सुबह की नमाज पढ़ इसकी शुरूआत हो जाती है। इसे भी पढ़ें Corona Epidemic बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं की लोगों से अपील, घरों में रहकर मनाए ईद मुस्लिम धर्मगुरूओं की अपील पिछली बार की तरह इस साल भी ईद के त्यौंहार पर कोरोना की काली… Continue reading ईद 2021 : जानिए कब है ईद..अमीरी या गरीबी का नहीं खुशिया बांटने का त्यौंहार है ईद

शीतलाअष्टमी 2021: जानें शीतलाअष्टमी में बासी खाने का भोग क्यों होता है तैयार ….

शीतलाअष्टमी का उल्लेख स्कंदपुराण में मिलता है. शीतला माता की उपासना का मुख्य पर्व शीतलाअष्ठमी है. शीतलाअष्टमी का पर्व चैत्र मास की कृष्णपक्ष की अष्ठमी को यह त्योहार मनाया जाता है. इस बार शीतलाअष्टमी 4 अप्रैल को है. होली के बाद इसे मनाया जाता है.  इस दिन शीतलामाता का व्रत और पूजन किया जाता है. शीतलाअष्टमी के दिन घर में बासी खाना खाने का रिवाज होता है इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. शीतलाअष्टमी के एक दिन पहले खाना बनाकर तैयर कर लिया जाता है. बासोड़ा के दिन लोग घरों में चुल्हा नहीं जलाते हैं  शीतला माता को भी बासी खाने का ही भोग लगाया जाता है. अष्टमी ऋतु परिवर्तन का संकेत देती है इस बदलाव से बचने के लिए साफ-सफाई का पूर्ण ध्यान रखना होता है. इसे भी पढ़ें Football : विश्व कप क्वालीफायर में नार्थ मेसोडोनिया ने रचा इतिहास , 20 साल में पहली बार हारा जर्मनी शीतला माता का स्वरूप इनका स्वरूप अत्यंत शीतल है. ये कष्ट-रोग हरने वाली होती हैं. इनकी सवारी गधे की है  और हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते लिए रखती है. गर्दभ की सवारी किए यह अभय मुद्रा में विराजमान होती  हैं. मां शीतला के हाथ में… Continue reading शीतलाअष्टमी 2021: जानें शीतलाअष्टमी में बासी खाने का भोग क्यों होता है तैयार ….

Holi 2021 : मातम के बीच खुशियों का उत्साह, यहां चिता के राख से भोले के भक्त खेलते हैं होली..

New Delhi: भारत में होली 29 मार्च को खेली जाएगी. देश के अलग-अलग राज्यों में कई तरह की होली खेली जाती है. मथुरा-वृंदावन (Mathura-Vrindavan) की लठ्ठमार होली ( Lathmar Holi) देशभर में प्रसिद्ध है. इसी तरह देशभर में अलग-अलग तरह से होली खेली जाती है.  काशी ( kashi) में भी अलग ही तरह की होली खेली जाती है. शिव नगरी काशी में भोले के भक्त एकादशी से होली खेलना शुरु कर देते हैं. एकादशी के दिन भोले के भक्त अपने इष्ट के साथ महाशमशान घाट (GREAT CEMETRY) में चिता की राख के साथ होली खेलते हैं. इसके बाद से काशी में होली की शुरुआत हो जाती है. काशी को मोक्षदायिनी भी कहा गया है. मोक्षदायिनी काशी के महाशमशान के हरिशचंद्र घाट पर कभी चिता की आग ठंडी नहीं होती है. हरिशचंद्र घाट ( Harishchandra ghat)  पर शवों के आने का सिलसिला चलता रहता है. काशी के शमशान में चिता की राख के साथ  होली भी खेली जाती है. इसे भी पढ़ें- Relief: लगातार दूसरे दिन कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, कोरोना के तीसरे लहर का है असर   इस अनोखी होली की मान्यता  एकादशी पर खेली जाने वाली इस अनोखी होली के पीछे एक मान्यता भी है.  ऐसा कहा जाता है कि… Continue reading Holi 2021 : मातम के बीच खुशियों का उत्साह, यहां चिता के राख से भोले के भक्त खेलते हैं होली..

जानें, होली के दिन सफेद कपड़े का ही है क्यों है ट्रेंड

होली रंगो के साथ ही खुशियां बांटने का त्योहार है. होली पर लोग एक-दूसरे को सूखे और गीले रंग लगा कर खुशियां मनाते हैं. होली पर लोग अपने पहनावे पर विशेष ध्यान देते हैं. ये तो आप भी जानते हैं कि और फिल्मों में भी देखा होगा कि होली पर ज्यादातर सफेद रंग के कपड़े पहनने का प्रचलन होता है. लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि होली पर सब लोग सफेद कपड़े ही क्यों पहनते हैं…..होली पर सफेद कपड़े पहनने का ट्रेंड क्यों है.. आज हम आपको बताएंगे कि इसके पीछे क्या कारण है. इसे भी पढ़ें भाजपा, टीएमसी के लिए ‘हॉट केक’ बने बंगाल के सेलिब्रिटीज शांति का प्रतीक है सफेद रंग होली की तैयारियां लोग काफी पहले से शुरु कर देते हैं. लड़के हों या लड़कियां सबकी पहली पसंद सफेद कपड़े ही होते है. सामान्य तौर पर होली में महिलाएं सफेद रंग की कुर्तियां और पुरुष सफेद कुर्ते या टी-शर्ट में नज़र आते हैं. कई महिलाएं होली खेलने के लिए डिज़ाईनर कुर्तियां बनवाती हैं . इसके साथ ही कई महिलाएं सफेद रंग की कुर्ती के साथ सफेद या कलरफुल दुप्पटे के साथ को प्रेफर करती है. दरअसल, सफेद रंग शांति का प्रतीक माना जाता… Continue reading जानें, होली के दिन सफेद कपड़े का ही है क्यों है ट्रेंड

भला नागरिकों की “गैर-जिम्मेदारी” क्यों?

दमघोंटू वायु-प्रदूषण के कारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एक आदेश जारी करते हुए देशभर में 30 नवंबर तक पटाखे जलाने और उसके विक्रय पर रोक लगाई थी।

त्योहारों पर प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से कहा है कि वे त्यौहार मनाते समय सीमाओं पर तैनात सैनिकों तथा रोजमर्रा के जीवन में उनकी मदद करने वाले कामगारों

त्योहार भूलें, घर बैठें

यदि आप मनुष्य हैं तो मोदी सरकार के झांसे में कतई नहीं आएं। न फिल्म देखने सिनेमा हॉल जाएं और न बच्चों को स्कूल भेजें। आज से नवरात्रि है तो घर बैठ कर पूजा-पाठ करें। न मंदिर की लाइन में खड़े होना चाहिए और न रामलीला आयोजन करें या उसे देखने वरावण दहन में जाएं।

आधी रोटी खाएं पर पहले बचें।

न आएं सरकार के बहकावे में। त्योहारी सीजन में न धंधा बनना है और न कमाई होनी है इसलिए बेहतरी है जीवन को पूरी तरह आधी रोटी की न्यूनतम जरूरत में दो-तीन साल के लिए बांध दें। भूल जाएं कि भारत जल्दी‘नॉर्मल दिनों’ में लौट आएगा और लोग घरों से निकलेंगे, सिनेमा ह़ॉल मे फिल्म देखने जाएंगे या पैसे ले कर निकलेंगे और त्योहारी खरीदारी होगी।

एक गांव ऐसा, जहां भय से राखी नहीं बांधती बहनें

रक्षाबंधन के त्योहार को भाई-बहनों के प्रेम और सुरक्षा की कसमें खाने के पर्व के रूप में जाना जाता है लेकिन गोंडा जिले के वजीरगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत डुमरियाडीह के भीखमपुर जगतपुरवा में

अक्षय तृतीया पर ऑनलाइन सोना खरीदने का ऑफर

सोने की खरीदारी का त्योहार अक्षय तृतीया पर आज रत्न-आभूषणों के खरीदारों को आकर्षित करने के लिए आभूषण विक्रेताओं ने ऑनलाइन खरीदारी का ऑफर दिया है

क्या दिवाली (14 नवंबर)  खुले ताले में मनेगी?

यदि अमेरिका चार महीने पूर्ण या दो-तिहाई तालाबंद रहा, उसकी आर्थिकी पांच-छह महीने सिर्फ बीस-तीस फीसदी काम करती हुई रही तो भारत में वायरस से लड़ाई में कब तक सब कुछ ठप्प रहेगा? अपना जवाब है वैक्सीन के आने तक। तब तक सीन होगा कभी ताला खुला व कभी बंद।

हरियाणा में आज से इंटरनेशनल सरस्वती महोत्सव

हरियाणा सरकार ने ‘अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव’ के आयोजन का फैसला किया है। इस महोत्सव के लिए हरियाणा सरकार ने कई देशों के राजदूतों को भी निमंत्रण भेजा है।

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