भटका स्वभाव-अध्यात्म और भटकी बुद्धि!

पृथ्वी क्या, मृत्युलोक। संसार क्या, सांसारिकता का झमेला। अच्छा क्या, गुजरा वक्त अपना अतीत! कर्मफल क्या, भाग्य में लिखा हुआ! विश्वास, रास्ता और विकल्प क्या, भगवानजी के शरण और जैसे रामजी रखेंगे। जीवन का लक्ष्य क्या, मृत्युलोक के दुखों से मुक्ति! कर्म किसलिए, अगले जन्म के लिए!… ऐसा स्वभाव, यह अध्यात्म सदियों की गुलामी में… Continue reading भटका स्वभाव-अध्यात्म और भटकी बुद्धि!

बुद्धि जड़ (जाहिल), जीवन बूढ़ा!

कलियुगी दिमाग सोचता हुआ नहीं है। वह ठहरा हुआ, जड़, कुंद, मंद की उस मानसिक विकलांगता में है, जिसमें न चेतना है, न बोध-समझ के तंतु हैं और न जिज्ञासा। पूरी तरह अवैज्ञानिक चित्त, कूपमंडूक वृत्तियां और गैर-साइंटिफिक दिमाग।.. दरअसल सभ्यता का अपना सफर और इतिहास भ्रम और भटकने की कई गांठे लिए हुए है।… Continue reading बुद्धि जड़ (जाहिल), जीवन बूढ़ा!

कलियुगी बीमारी और लक्षण

हम ओलंपिक-नोबेल-ज्ञान-विज्ञान-सत्य की वास्तविकता में गरीब, दरिद्र होने का कलियुगी जीवन लिए हुए हैं तो यह सच श्रीमद्भागवत से चला आ रहा है।…बाकी सभ्यताओं में शरीर ऐसा नहीं क्योंकि कलियुगी कैंसर के मारे सिर्फ हम हैं। बाकी सभ्यताओं ने पृथ्वी और जीवन को यदि कर्मलोक, जिंदगी के भोग का मौका माना है जबकि हिंदू दिमाग,… Continue reading कलियुगी बीमारी और लक्षण

लब्बोलुआबः बेसुध, बेहोश जीवन!

तभी सदियों से चेतना का अपना ज्वालामुखी सोया हुआ, सुषुप्त है। असंख्य हमलावरों, तरह-तरह के अत्याचारों-गुलामी और सत्ता-हाकिमों की ज्यादतियों के बावजूद हिंदू चेतना का लावा कभी फटता नहीं। न बगावत, न कोई विद्रोह, न क्रांति-प्रतिक्रांति मतलब पूरी तरह अपना मृत्युलोक वह पाताल बनाए हुए है, जो हिमखंड में रचा-पका है। ऐसा बर्फीला, बेहोश दिमाग… Continue reading लब्बोलुआबः बेसुध, बेहोश जीवन!

Monsoon सक्रिय, आज कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, गंगा खतरे के निशान से ऊपर, हर की पौड़ी सील

नई दिल्ली | Monsoon 2021 Update : देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) लगातार छा रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक में मानूसन की बारिश (Rain) हो रही है। जिसके चलते देश के कई राज्यों में तो बाढ़ जैसे हालात भी पैदा हो गई है। नदी-नाले उफान मारने लगे है। उत्तराखंड, यूपी… Continue reading Monsoon सक्रिय, आज कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, गंगा खतरे के निशान से ऊपर, हर की पौड़ी सील

उत्तराखंड में बाढ़ का रेड अलर्ट, अलकनंदा-मंदाकिनी ने लिया रौद्र रूप, प्रशासन ने नदी किनारे वालों को किया सचेत

नैनीताल |  देवभूमि उत्तराखंड में बीते दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। कई जगह भूस्खलन का भी सामना करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों में मॉनसून शुरु होते ही खतरे की घंटे बज जाती है। भारी बारिश  के बाद गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर आदि नदियां उफान पर आ गई है। उत्तराखंड में 2013 में आई… Continue reading उत्तराखंड में बाढ़ का रेड अलर्ट, अलकनंदा-मंदाकिनी ने लिया रौद्र रूप, प्रशासन ने नदी किनारे वालों को किया सचेत

जान लें, जीना नहीं हमारा जीना!

बाकी सभ्यताओं और कलियुगी हिंदू सभ्यता का यह कैसा विकट अंतर है जो हम 140 करोड़ लोग और भारत देश मृत्युलोक में मर-मर के जीवन जीने का ख्याल लिए हुए हैं, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन आदि सभ्य विकसित देश और उनके लोग पृथ्वी की कर्मलौकिकता में जीवन बनाते, जीवन भोगते हुए ब्रह्माण्ड के परलोक में अपनी… Continue reading जान लें, जीना नहीं हमारा जीना!

ठहरा वक्त, रिपीट इतिहास!

महामारी का सामना कैसे हो, वक्त की चुनौतियों से कैसे पार पाएं, कैसे भविष्य बनाएं, इन सवालों का हल हिंदू चेतना में न सन् 1918-20 में था और न सन् 2021-22 में है। जैसे पशुओं-भेड़-बकरियों को बीमारी, महामारी क्या और कैसे बचें का बोध नहीं होता है वैसे ही कलियुगी भारत को नहीं है।..हम ठहरे… Continue reading ठहरा वक्त, रिपीट इतिहास!

बड़े दिमाग की छोटी खोपड़ी!

कलियुग ने बुद्धि-ब्रेन को छोटा बनाया है। वह गुलामी में घिस कर छोटी हुई है। गुलामी और भक्ति से पराश्रित है (जो करना है ईश्वर और उनके अवतार को करना है)। गुलाम कितना सोच सकता है? भक्त कितना पौरूषवान हो सकता है? जब मेंढ़क कुएं की टर्र-टर्र में दुनिया, देश, समाज की सत्यता सोचने-विचारने की… Continue reading बड़े दिमाग की छोटी खोपड़ी!

‘चित्त’ से हैं 33 करोड़ देवी-देवता!

हमें कलियुगी हिंदू मनोविज्ञान की चीर-फाड़, ऑटोप्सी से समझना होगा कि हमने इतने देवी-देवता क्यों तो बनाए हुए हैं और इतनों को पूजते हुए भी क्यों नहीं उनका आशीर्वाद है?…सोचें इतने करोड़ देवी-देवता और जीवन का हर चक्र उन्हें समर्पित बावजूद इसके कलियुगी हिंदू ‘चित्त’ अकेले इस सूत्र का काला धागा बांधे हुए है कि… Continue reading ‘चित्त’ से हैं 33 करोड़ देवी-देवता!

‘चित्त’ की मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी में वक्त!

कलियुगी हिंदू ने समय को या तो टाइमपास बना रखा है या लकीर को गोलाकार बना कर गोल-गोल घूमते हुए गुजरी तकदीर से वह जुगाड़ की जुगत में है। हमारा वर्तमान फुदकता हुआ नहीं है। भविष्य का जहां सवाल है तो उसमें भी प्राचीन रामराज्य लौटाना है! अन्यथा पंडित नेहरू द्वारा 15 अगस्त 1947 की… Continue reading ‘चित्त’ की मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी में वक्त!

समाज का पोस्टमार्टम जरूरी या व्यक्ति का?

यदि कौम, नस्ल, राष्ट्र को समझना है तो पहले शरीर की जैविक रचना की चीरफाड़जरूरी है। मसला क्योंकि हिंदू का है तो हिंदू धर्म अनुसार ही धर्म धारणाओं में यदि विचार करें तो सटीक होगा।.. दुनिया में बाकि सभ्यताओं, धर्मों की मनोवैज्ञानिक चीरफाड़ बहुत हुई है। लगातार विचार विश्लेषण है लेकिन हिंदू को लेकर लगभग… Continue reading समाज का पोस्टमार्टम जरूरी या व्यक्ति का?

कलियुग अपना पक्का, स्थायी!

इतिहास में आगे भी सनातनी भरतवंशी सदियों स्थायी तौर पर कलियुगी जीवन जीने का शापित हैं। हम लगातार झूठ, कर्महीनता व बुद्धिहीनता में जीते रहेंगे। जैसे ईसा बाद सन् एक से लगातार टाइमपास करने की जड़ता में जीते आए हैं।..‘जहां हम थे वहां हम थे और वहीं रहेंगे’। ताजा प्रमाण कोविड-19 महामारी है। भारत कलियुगी-… Continue reading कलियुग अपना पक्का, स्थायी!

सतयुग से कलियुग ट्रांसफर!

आधुनिक काल और खास कर पुनर्जागरण से पश्चिमी लोगों ने बड़ी संख्या में अपने को स्वतंत्र बना ज्ञान-विज्ञान-सत्य की खोज से जैसे बनाया है उसका कोर तत्व वेद के बाद उपनिषद् काल में चार्वाक ऋषि का यह मंत्र है कि जो है वहीं सत्य है। प्रत्यक्ष प्रमाण। आत्मा-परमात्मा-परलोक, होनी-नियति का मसला साक्षात नहीं, वह संदिग्ध… Continue reading सतयुग से कलियुग ट्रांसफर!

खोखा शरीर, मरघट पर अटका!

जब पृथ्वी कुल मिला कर वस्त्र बदलने का, 84 लाख योनियों में जन्म-मरण का प्लेटफॉर्म है।..तब भला हम हिंदुओं का पृथ्वी पर शरीर-जीवन का क्या मोल? … जन्म के प्लेटफॉर्म नंबर एक और मरघट के प्लेटफॉर्म नंबर दो के मध्य की सीढ़ी से आना-जाना जब ईश्वर प्रदत्त नियति है तो क्यों तो हमें दवा चाहिए,… Continue reading खोखा शरीर, मरघट पर अटका!

शववाहिनी गंगा और बूढ़ा बरगद!

यदि आप हिंदू सचमुच हैं तो विचार करें गंगामाता और उस बहाने भारतमाता पर!… कितनी रोती हुई होंगी गंगा?… इससे बड़ा शर्मनाक, भयावह सत्य जो हिंदुओं को भान नहीं कि वह रोती हुई हैं। और किसके लिए? … भरतवंशी हिंदुओं के लिए!   हां, मां क्यों नहीं रोती हुई होगी अपनी संतानों की शववाहिनी बनते हुए?….… Continue reading शववाहिनी गंगा और बूढ़ा बरगद!

खट्टा- मीठा : 5 करोड़ कोरोना टेस्ट करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश , गंगा किनारे शवों को दफनाए जाने का सिलसिला अब भी है जारी

लखनऊ |  देशभर में कोरोना की रफ्तार कम होने लगी है. भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का कहर कम होता दिखाई दे रहा है. कोरोना के कहर से तेजी से उबर रहे उत्तर प्रदेश ने मंगलवार तक पांच करोड़ से ज्यादा कोरोना टेस्ट करने के आंकड़े को पार कर लिया.… Continue reading खट्टा- मीठा : 5 करोड़ कोरोना टेस्ट करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश , गंगा किनारे शवों को दफनाए जाने का सिलसिला अब भी है जारी

बैलगाड़ी से चंद्रयान…फिर भी गंगा शववाहिनी!

पिछले तीन सौ सालों की भारत घटनाओं, भारत अनुभव में बैलगाड़ी से चंद्रयान के सफर के अलग-अलग वक्त पर गौर, तुलना करें तो सन् 2020-21 का सत्य है कि हमने पश्चिमी ज्ञान-विज्ञान की खोज से चंद्रयान, मेडिकल साइंस, अस्पताल, डॉक्टर भले बना डाले लेकिन इस सबके बावजूद भारत अंधे युग के अंधविश्वासों में जीते हुए… Continue reading बैलगाड़ी से चंद्रयान…फिर भी गंगा शववाहिनी!

महामारी से साबित स्थाई अंधयुग!

हम अंधकार में जीने के वक्त याकि काले कलियुग को लिए हुए हैं। तभी आज भी भारत में मौते झूठ, अंधकार में वैसे ही लुप्त हो रही है जैसे पिछली सदियों में होती थी। भले सदी इक्कीसवीं और उसका सन् इक्कीस हो, लेकिन हिंदुओं की गंगा पहले भी शववाहिनी थी और अब भी है। तो… Continue reading महामारी से साबित स्थाई अंधयुग!

अस्थि विसर्जन के बाद शवों का विसर्जन, अब गंगा हुई मैली..वैज्ञानिकों के लिए बना चिंता का विषय

हिंदु धर्म में आस्था का प्रतीक है मां गंगा।  मां गंगा का पानी सबसे पवित्र और स्वच्छ माना जाता है।  वाराणसी में गंगा के पानी इन दिनों हरा हो गया है। पिछले कुछ दिनों से गंगा के पानी में भारी मात्रा में शैवाल आ जाने के कारण पानी का रंग हरा हो गया है।  इसे… Continue reading अस्थि विसर्जन के बाद शवों का विसर्जन, अब गंगा हुई मैली..वैज्ञानिकों के लिए बना चिंता का विषय

शर्मनाक : मरने के बाद भी आम को नहीं मिल रहे हैं राम !

Praygraj: भारतीय जनता पार्टी का राम के नाम से कैसा संबंध है यह किसी को भी बताने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी हुआ है वह अपने आप में मानवता को शर्मसार करने वाला है. कुछ दिनों पहले ही उत्तर प्रदेश और बिहार प्रशासन… Continue reading शर्मनाक : मरने के बाद भी आम को नहीं मिल रहे हैं राम !

राजस्थान : बेटी नहीं देवी है, दुर्गा नवमी के दिन हैलीकाॅप्टर से घर लाए दादा, चाॅपर के किराए के लिए चार लाख की फसल बेच दी

Jaipur | कभी बेटियों के कत्ल के लिए कुख्यात कहे जाने वाले राजस्थान में नवजात बेटियों की आमद अब लोगों में उत्साह भरी है। यह उदाहरण ही नहीं बल्कि एक नजीर है, जिसने लोगों के मन में बेटियों के घर में आगमन को देवी के रूप में स्वीकार करना शुरू किया है। राजस्थान (Rajasthan) के… Continue reading राजस्थान : बेटी नहीं देवी है, दुर्गा नवमी के दिन हैलीकाॅप्टर से घर लाए दादा, चाॅपर के किराए के लिए चार लाख की फसल बेच दी

गंगा को किसानों की आमदनी का जरिया बनाएगी योगी सरकार

गंगा के दोनों किनारों पर बसे गांवों और किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है। आर्गेनिक फसलों के जरिये राज्य सरकार किसानों

साध्वी पद्मावती को अनशन से पुलिस ने जबरन उठाया

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मातृ सदन में गंगा की अविरलता की मांग को लेकर अनशन पर बैठीं साध्वी पद्मावती का स्वास्थ्य बिगड़ने पर 47वें दिन पुलिस ने गुरुवार देर

नीतीश ने मोदी से किया साध्वी पद्मावती का अनशन तुड़वाने का आग्रह

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार में अनशन बैठी नालंदा जिले की साध्वी पद्मावती का अनशन

गंगा हमारी आस्था ही नहीं, अर्थव्यवस्था भी है : योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा ‘हमारी आस्था ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था भी है’ और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार गंगा यात्रा शुरू कर रही है।

गंगा कटान के नियंत्रण पर सिंचाई विभाग को निर्देश

तीर्थराज प्रयाग के माघ मेला क्षेत्र में गंगा के कटान पर नियंत्रण के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गये हैं।
आधिकारिक सूत्रों

नमामि गंगे : मोदी की अध्यक्षता में गंगा पर मंथन शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां शनिवार को गंगा की अविरलता और निर्मलता पर मंथन शुरू हो गया है। इसके पहले मोदी विशेष विमान से चकेरी एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों तथा केंद्रीय मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की अगवानी की।

प्रधानमंत्री कानपुर में अविरल-निर्मल गंगा पर करेंगे आज मंथन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के प्रयासों के संबंध में आज मंथन करेंगे। वह कानपुर में नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे।