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  • किताबों तक में गलतियां

    अब किताबे गलतियों से भरी होती है। जिसको जो मन में आया उसने किताब में लिख दिया। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का अध्याय आठवीं कक्षा की किताब में शामिल कर दिया गया, जिस पर बाद में बहुत हंगामा हुआ और किताब वापस लेनी पड़ी। ऐसा कई किताबों के मामले में हुआ है। ओडिशा की इस साल समाजशास्त्र की एक किताब में तो इतनी गलतियां हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका मजाक बना है। उसके बाद नीतिगत स्तर पर ऐसे काम हुए, जिनका प्रत्यक्ष उद्देश्य शिक्षा में सुधार से ज्यादा विवाद पैदा करना और प्रचार पाना था। चाहे नई शिक्षा नीति हो,...

  • ऐसे खुश कर लेंगे ‘जेन जी’ को!

    क्या बुद्धि का दिवालियापन है कि नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा की दूसरी गड़बड़ियों के खिलाफ देश के नौजवान सड़कों पर उतरे और आंदोलन किया तो भाजपा के नेता और केंद्र सरकार के मंत्री नौजवानों की आपस में शॉर्ट मैसेजिंग की भाषा बोल कर उनको लुभाने की कोशिश कर रहे हैं! ऐसा लग रहा है, जैसे देश का ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल तक की उम्र का युवा इस वजह से नाराज था कि देश के नेता उनकी भाषा नहीं बोलते हैं और नहीं समझते हैं। असल में नौजवान यह नहीं चाहते हैं कि 76 साल के...