भाजपा नेता की तरह आनंदी बेन का जवाब
देश के कई राज्यों के राज्यपालों ने राजभवन, जिसे अब लोकभवन कहा जाता है, वहां पहुंचने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी के नेता वाला चरित्र छोड़ा नहीं है। खास कर गैर एनडीए शासन वाले राज्यों के राज्यपालों ने। कहीं राज्यपाल विधानसभा से पास विधेयक रोक कर बैठे रहते हैं तो कहीं राज्यपाल सरकार का लिखा अभिभाषण नहीं पढ़ते हैं तो कहीं चार लाइन पढ़ कर अभिभाषण छोड़ देते हैं। विपक्षी शासन वाले राज्यों के कामकाज पर सवाल उठाना तो आम बात है। लेकिन पिछले करीब आठ साल से राज्यपाल रहीं आनंदी बेन पटेल इस मामले में अपने को संयमित...