देखा देखी रंग बदल रहे हैं राज्यपाल
जैसे खऱबूजे को देख कर खरबूजा रंग बदलता है वैसे ही राज्यपाल रंग बदल रहे हैं। राज्यपालों का इस साल का रंग विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों में अभिभाषण नहीं पढ़ने का है। एकाध अपवाद को छोड़ कर विपक्षी शासन वाले सभी राज्यों में राज्यपालों ने अभिभाषण नहीं पढ़ा या दो चार लाइन पढ़ कर छोड़ दिया। पहले कभी ऐसा अपवाद के तौर पर होने की बात सुनी गई थी। अब यह मुख्यधारा की बात हो गई है। आजादी के बाद से ही सबको पता है कि राजभवनों में बैठे राज्यपाल राजनीतिक व्यक्ति होते हैं और केंद्र सरकार के...