राजकोष में लगी सेंध
कहा गया था कि जीएसटी में कटौती से बाजार में खरीदारी इतनी ज्यादा बढ़ेगी कि सरकार के कर राजस्व में असल में इजाफा होगा। लेकिन जीएसटी वसूली के अक्टूबर के आंकड़ों ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है। एक ही दिन आई तीन खबरों ने उस गुब्बारे में पिन चुभो दी है कि जिसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के नए ढांचे को लागू होने के बाद फुलाया गया था। केंद्र ने आय कर की सीमा में बढ़ोतरी और कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती को भारतीय अर्थव्यवस्था की तमाम समस्याओं का हल बताया। साथ ही कहा गया...