ज्ञानेश की तानाशाही किसके कहने पर?
भारत का चुनाव आयोग कई बरसों से कई कारणों से निशाने पर है। पिछले साल जून में जब बिहार में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का अभियान शुरू किया तब से लेकर अब तक वह एसआईआर में मनमाने तरीके से नाम काटने, नए नाम जोड़ने, नाम हटाने के फैसले की समीक्षा करने जैसे कई मामलों को लेकर ज्यादा निशाने पर है। अब अंग्रेजी के अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें चुनाव आयोग में चल रही कई तरह की गड़बड़ियों और मनमानियों का खुलासा किया है। बुधवार, 23 सितंबर को...