Haritaki

  • कब्ज से लेकर डायबिटीज तक, हर मर्ज की दवा है हरीतकी

    आयुर्वेद में कुछ जड़ी-बूटियां ऐसी हैं, जिन्हें अमृत समान माना गया है और हरीतकी उन्हीं में से एक है। संस्कृत में इसे अभया कहा गया है, यानी जो भय को दूर करे। यह त्रिफला का एक अहम हिस्सा है और शरीर को जवान, स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने वाली औषधियों में गिनी जाती है।  हरीतकी दरअसल एक पेड़ का फल है जो भारत, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में पाया जाता है। आयुर्वेद में इसे त्रिदोषहर माना गया है जो वात, पित्त और कफ तीनों को संतुलित करती है। हरीतकी स्वाद में थोड़ी कसैली होती है, लेकिन...