कृपया हिंदी को खलनायक न बनाएं
यह अनुरोध सिर्फ केंद्र सरकार से नहीं है, बल्कि तमिलनाडु सरकार से भी है। नई शिक्षा नीति और त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर जो विवाद केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच छिड़ा है वह कोई भाषा और संस्कृति का विवाद नहीं है, बल्कि राजनीतिक विवाद है। इसलिए किसी भी भाषा को और खास कर हिंदी को खलनायक बनाने की जरुरत नहीं है। असलियत यह है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पक्ष अपने अपने हथियारों को धार दे रहे हैं। यह दुर्भाग्य होगा अगर एक बार फिर भाषा का विवाद छिड़ेगा और राजनीतिक फायदे के लिए...