वैज्ञानिक है भारतीय कालगणना
भारतीय पंचांगों में इस प्रकार की गड़बड़ियाँ नहीं रहीं, क्योंकि यहाँ ग्रहीय गतियों का सूक्ष्म अध्ययन करने की अतिप्राचीन परंपरा रही है तथा कालगणना पृथ्वी, चन्द्र, सूर्य की गति के आधार पर होती रही है। चंद्र और सूर्य गति के अंतर को पाटने की भी व्यवस्था अधिक मास आदि द्वारा होती रही है। भारत में सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, माह और वर्ष की गणना करके भारतीय पंचांग बनाया गया है। 1 जनवरी, नववर्ष विशेष अधिकांश देशों में नववर्ष की शुरुआत आंग्ल कैलेंडर के अनुसार प्रथम जनवरी से होती हैं। प्रथम जनवरी को मनाया जाने वाला यह नववर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर...