Hindu leaders

  • हिन्दू नेता अतीत-जीवी हैं

    पिछले पचास वर्षों से देसी भारतीय नेताओं के पास केवल दलीय लड़ाई, गद्दी छीन-झपट की तिकड़में भर हैं। एक-दूसरे के प्रति द्वेष, झूठे-सच्चे आरोपों की पोटली है। उसी से लोगों को उकसाना और वोट-बटोरन मंसूबे ही उन की फुलटाइम चिन्ता दिखती है।... नेताओं का परनिंदक, शेखीबाज, और अतीतजीवी होना हिन्दू समाज की असमर्थता का संकेत है। एक तरफ आए दिन मैकॉले, कोलोनियलिज्म, आदि की निन्दा। दूसरी तरफ भारत विश्वगुरू था, वेदों में आधुनिक साइंस की बातें हैं, आदि। इस तरह की बातों का प्रचार,  व्याख्यान, प्रकाशन देश में फैला हुआ है। दोनों प्रवृत्तियों में एक चीज समान है -- पीछे...