Hindu Muslim

  • हिंदू–मुस्लिम क्यों अमन से नहीं रह पाते?

    यह ठीक है कि कई मुस्लिम शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं, लेकिन इस्लामी सिद्धांत में सभी ईश्वर को एक मानने की गुंजाइश नगण्य है। यही कारण है कि एक पक्ष संघर्ष-अपमान को याद करता है, तो दूसरा पक्ष उसपर गर्व। यही हिंदू-मुस्लिम रिश्तों में जहर घोलता है। अतीत बदला नहीं जा सकता, लेकिन क्या ऐतिहासिक अपराधों और उसके दोषियों का महिमामंडन किया जाना चाहिए? रविवार (11 जनवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास की याद दिलाई।  उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने एक हजार साल पहले इस मंदिर की रक्षा हेतु अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी।...

  • इस्लामवादी आंदोलनों को नई सांस!

    बहुत समय नहीं गुज़रा जब लग रहा था कि इस्लाम पुरातन, घिसी-पिटी रूढ़ियों की जंजीरों को तोड़ रहा है। मुसलमानों में बदलाव आ रहा है। पिछले कुछ सालों से धर्म के प्रति उनका रवैया बदल रहा था। वे पुराने बंधनों को तोड़ रहे थे। उनमें स्वतंत्र होने की तड़फ दिख रही थी। वे सुधारों की मांग कर रहे थे। पश्चिम एशिया में इस्लाम के झंडाबरदारों - सुन्नी सऊदी अरब और शिया ईरान - के बीच की धार्मिक खाई को भरने का काम शुरू हो चुका था। वे एक-दूसरे को स्वीकार करने के लिए राजी नज़र आ रहे थे। मुस्लिम देशों...