आपसी फूट ने ही इतिहास बिगाडा
इतिहास चेतावनी देता है कि मजबूत सेना भी बिखरे हुए समाज को नहीं बचा सकती। यदि आज का भारत जाति, भाषा या इंटरनेट पर फैलाए जा रहे प्रचार के कारण फिर से आपस में लड़ने लगा, तो वह प्राचीन भारत के उन राजाओं की तरह ही होगा जिन्होंने आपसी ईर्ष्या में अपनी स्वतंत्रता खो दी थी। भारत हमेशा बाहरी सैन्य श्रेष्ठता के कारण नहीं, बल्कि अदंरूनी कमजोरियों और आपसी संघर्ष से इतिहास का मारा है। बाहरी आक्रमणकारियों की सफलता का मुख्य कारण शासकों की सैन्य कमजोरी नहीं, बल्कि उनके बीच की पारस्परिक फूट और एकता की कमी थी। भारतीय राजाओं...