Ikkis film Review

  • वक़्त की छटपटाहट है ‘इक्कीस’

    ‘इक्कीस’ कई स्तरों पर काम करती है। एक स्तर पर यह साहस और कर्तव्य की कहानी है; दूसरे स्तर पर यह उम्र और ज़िम्मेदारी के असंतुलन की पड़ताल करती है। फ़िल्म यह सवाल उठाती है कि वीरता क्या है, क्या वह डर का न होना है, या डर के बावजूद आगे बढ़ना? यहां वीरता किसी एक बड़े क्षण में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे निर्णयों की शृंखला में आकार लेती है। सिने-सोहबत हिंदी सिनेमा में युद्ध आधारित जीवनियां अक्सर या तो नारेबाज़ी में फंस जाती हैं या फिर भावुकता की अतिशयोक्ति में। ऐसे में ‘इक्कीस’ का आना अपने आप में एक महत्वपूर्ण...