सत्ता की साज़िशें: ‘रक्तांचल 3’
आज के दौर में एक दिलचस्प बात और देखने को मिलती है। हम अक्सर कहते हैं कि दर्शक हमेशा कुछ नया चाहता है। लेकिन सच्च...
आज के दौर में एक दिलचस्प बात और देखने को मिलती है। हम अक्सर कहते हैं कि दर्शक हमेशा कुछ नया चाहता है। लेकिन सच्च...
हिंदी सिनेमा में रिश्तों पर एक नई लहर आने की ज़रूरत है। ऐसी फ़िल्में जो उपदेश न दें,
जब ओटीटी पर अपराध आधारित कहानियां अक्सर हिंसा, अंधेरे और सनसनी का सहारा लेती ह...
फ़िल्म का शीर्षक भी अपने भीतर एक विचित्र बेचैनी समेटे हुए है। 'बेबी डू डाई डू
आलिया भट्ट इस फ़िल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके भीतर का अभिनेता लगातार संघर्ष करता दिखाई देता है। उनका शरीर भले...
फ़िल्म की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वह लगातार हंसाने की कोशिश करती है, लेकिन अपने पात्रों को ज...
‘कॉकटेल 2’ सिर्फ प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं...
इम्तियाज़ अली की यह फ़िल्म हमें याद दिलाती है कि सीमाएं देशों को बांट सकती हैं,
यहां स्त्री-विमर्श है, लेकिन नारेबाज़ी नहीं। यहां सामाजिक टिप्पणी है
भारतीय सिनेमा में अदालतों और न्याय व्यवस्था पर आधारित फ़िल्में हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करती रही हैं। ऐसी फ़िल्मों की स...
पॉप-संस्कृति के इतिहास में माइकल जैक्सन सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक बहुत बड़ी घटना हैं, एक ऐसी रचना हैं जो संगीत, नृत्य, फैशन औ...