फिर वही पुरानी कथा
ताजा आय कर आंकड़ों से सामने आया है कि ‘अति-समृद्ध’ लोगों की संख्या में भारी उछाल आया है। स्पष्टतः यह देश में कुछ ही हाथों में तेजी से धन केंद्रित होते जाने का ठोस प्रमाण है। इनकम टैक्स रिटर्न के ताजा आंकड़ों ने भारत में बढ़ती गैर-बराबरी की फिर पुष्टि की है। बेशक, रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या बढ़ी है और प्रत्यक्ष कर की उगाही बढ़ी है, लेकिन इन आंकड़ों ने बढ़ती विषमता और कर प्रणाली की ढांचागत कमजोरियों पर भी रोशनी डाली है। फिर सामने आया है कि फाइल होने वाले अधिकांश रिटर्न में शून्य कर देनदारी होती...