आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!
लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं।…. आज असल चुनौती बहस को इसी अंतर्विरोध के बिंदु पर लाने की है। आंकड़ों की तकनीकी बहस में उलझ रहने से बात कहीं आगे नहीं बढ़ेगी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े को लेकर छिड़े विवाद ने आखिरकार बहस को...