फौरी छापों की तानाशाही
बच्चा एक ऐसी थाली के सामने बैठा है, उसके सामने इंसानियत के पूरे ज्ञान का इतिहास एक ही बार में परोस दिया गया हो और कहा गया हो—“लो, खाओ।” थाली भरी हुई है। लेकिन, ध्यान से देखें तो वह पूरी तरह खाली है। ...जब बारह साल बाद एक बच्चा बाहर निकलता है और वह एक पैराग्राफ़ पढ़ नहीं पाता या एक मामूली घटाव नहीं कर पाता, तो आप उँगली किस पर उठाएँगे? कोई एक वादा टूटा ही नहीं, सारे वादे एक साथ किए गए थे और सब एक-दूसरे में घुलकर गायब हो गए। जब भी हिंदुस्तानी व्यवस्था का कोई खंभा...